Ye Kahti Thi Ghar Ghar Main Ja Kar Halima Lyrics In Hindi And Roman English
ये कहती थी घर घर में जाकर हलीमा मेरे घर में ख़ैरुल-वरा आ गए हैं बड़े ओज पर है मेरा […]
ये कहती थी घर घर में जाकर हलीमा मेरे घर में ख़ैरुल-वरा आ गए हैं बड़े ओज पर है मेरा […]
समाँ है नूर का, निकला चाँद है समाँ है नूर का, निकला चाँद है निकला चाँद है, निकला चाँद है
दिल से हज़ार बार मदीना तुझे सलाम आक़ा का तू दयार, मदीना तुझे सलाम ला-रैब ख़ारे-दश्ते-मदीना के हुस्न पर क़ुर्बान
गली गली सज गई, शहर शहर सज गया आए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया मरहबा या मुस्तफ़ा
मुस्तफ़ा आप के जैसा कोई आया ही नहीं आता भी कैसे जब अल्लाह ने बनाया ही नहींं कोई सानी न
अहलंव्व-सहलन मरहबा, अहलंव्व-सहलन मरहबा अहलंव्व-सहलन मरहबा, अहलंव्व-सहलन मरहबा ए शहे-अबरार ! अहलंव्व-सहलन मरहबा ए मेरे सरदार ! अहलंव्व-सहलन मरहबा महबूबे-गफ़्फ़ार
नूर से अपने सरवरे-आलम दुनिया जगमगाने आए ग़म के मारों, दुखियारों को वो सीने लगाने आए दुनिया जगमगाने आए, दुनिया
चाँद उतर आया, नूर नूर छाया नूर वाले आक़ा का मीलाद आया ज़िक्रे-नबी-ए-पाक को दिन-रात करेंगे लंगर, सबील, सदक़ाओ-ख़ैरात करेंगे
रूहे-अर्ज़ो-समाँ बन के आया सब रसूले-ख़ुदा बन के आए वो हबीबे-ख़ुदा बन के आया सरकार ! आने से गुलशन में
करम के बादल बरस रहे हैं, दिलों की खेती हरी-भरी है ये कौन आया के ज़िक्र जिस का, नगर नगर