Siddiq Use Kehta Hai Ye Sara Zamana Lyrics
सिद्दिक़ उसे केहता है ये सारा ज़माना सरकारे दो आलम का है जो पेहला ख़लीफा सिद्दिक़ उसे केहता है ये […]
सिद्दिक़ उसे केहता है ये सारा ज़माना सरकारे दो आलम का है जो पेहला ख़लीफा सिद्दिक़ उसे केहता है ये […]
आक़ा ने मुसल्ले पे खड़ा कर के बताया, सिद्दीक़ है पहला अफ़्ज़लुल-बशर, बाद अज़-अंबिया अमीरुल-मुअमिनीन, अबा-बकरनी-सिद्दीक़ आक़ा ने मुसल्ले पे
सिद्दीक़ मौला मेरे ! सिद्दीक़ मौला! सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! या अमीरल-मुअमिनीन! या अमीरल-मुअमिनीन! पहले सहाबी मेरे सिद्दीक़ है पहले
क्या शान पाई, अल्लाहु अकबर!, सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! अफ़ज़ल-उल-बशर बा’दल-अंबिया अफ़ज़ल-उल-बशर बा’दल-अंबिया परवाने को चराग़ तो बुलबुल को फूल बस सिद्दीक़
बयाँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़े-अकबर का बयाँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़े-अकबर का है यारे-ग़ार महबूबे-ख़ुदा सिद्दीक़े-अकबर
या नबी ! मुझ पे भी इक निगाहे-करम करम की भीक दरे-मुस्तफ़ा से माँगते हैं हम अपनी हाजतें हाजत-रवा से
मुस्तफ़ा आप के जैसा कोई आया ही नहीं मेरे नबी प्यारे नबी, मेरे नबी प्यारे नबी है, मर्तबा आला तेरा
ऐ क़लम ! ज़रा तू सँम्भल के चल, ये मक़ामे-वहमो-गुमाँ नहीं ऐ क़लम ! ज़रा तू सँम्भल के चल, ये
वो कमाले-हुस्ने-हुज़ूर है के गुमाने-नक़्स जहाँ नहीं वो कमाले-हुस्ने-हुज़ूर है के गुमाने-नक़्स जहाँ नहीं यही फूल ख़ार से दूर है,
जबीं मेरी हो संगे-दर तुम्हारा, या रसूलल्लाह ! जबीं मेरी हो संगे-दर तुम्हारा, या रसूलल्लाह ! यही है एक जीने