Nemat e Be-Badal Madina Hai
नेमते-बे-बदल मदीना है हर उदासी का हल मदीना है ज़ब्ते-जज़्बात लाज़मी है यहाँ अे मेरे दील ! सँभल, मदीना है […]
नेमते-बे-बदल मदीना है हर उदासी का हल मदीना है ज़ब्ते-जज़्बात लाज़मी है यहाँ अे मेरे दील ! सँभल, मदीना है […]
Nematen baanta’ta jis samt woh zeeshaan gaya saath hi munshi-e-rahmat qalam baan gaya le khabar jald ki Gairon ki taraf
मुस्तफ़ा-ए-ज़ाते-यकता आप हैं मुस्तफ़ा-ए-ज़ाते-यकता आप हैं यक ने जिस को यक बनाया आप हैं आप जैसा कोई हो सकता नहीं
खिली खिली कलियाँ हैं, तयबा की गलियाँ हैं खिली खिली कलियाँ हैं, तयबा की गलियाँ हैं अजब दिल-कुशा हैं, मदीने
हुज़ूर मेरी तो सारी बहार आप से हैं मैं बे-क़रार था, मेरा क़रार आप से है मेरी तो हस्ती ही
फिर के गली गली तबाह ठोकरें सब की खाअे क्यूँ दिल को जो अक़्ल दे ख़ुदा, तेरी गली से जाअे
सेरे-गुल्शन कोन देखे, दश्ते-तैबा छोड़ कर सूअे-जन्नत कोन जाअे दर तुम्हारा छोड़ कर सर गुज़िश्ते-ग़म कहूँ, किस से तेरे होते
सोज़े-दील चाहिए, चश्मे-नम चाहिए और शौक़े-तलब मौतबर चाहिए हों मुयस्सर मदीने की गलियाँ अगर आँख काफ़ी नहीं है नज़र चाहिए
मुस्तफ़ा के पाले हैं, हम बरेली वाले हैं दिल से भोले-भाले हैं, हम बरेली वाले हैं दम रज़ा का भरते
आला हज़रत का तराना जब सुनाएगा दीवाना सुन के सुन्नी मचलता रहेगा आला हज़रत का डंका बजेगा इल्मो-हिकमत का उस