तूने बातिल को मिटाया ऐ ईमाम अहमद रज़ा / Tune Batil Ko Mitaya Aye Imam Ahmad Raza
तूने बातिल को मिटाया, ऐ ईमाम अहमद रज़ा दीन का डंका बजाया, ऐ ईमाम अहमद रज़ा अहेले-सुन्नत का चमन, सर-सब्ज़ था शादाब था ताज़गी तू और लाया, ऐ ईमाम अहमद रज़ा दोरे-बातील और ज़लालत हिन्द में था जिस घडी तू मुजद्दीद बन के आया, ऐ ईमाम अहमद रज़ा तूने बातील को मीटा कर दीन को … Read more