Laqab Siddiq Ban Jaye Sadaqat Ho To Aesi Ho Lyrics
लक़ब सिद्दीक़ बन जाए, सदाक़त हो तो ऐसी हो लक़ब सिद्दीक़ बन जाए, सदाक़त हो तो ऐसी हो मज़ारो-ग़ार के साथी, रिफ़ाक़त हो तो ऐसी हो मेरे सरकार का रौज़ा जो जन्नत से भी आला है तेरी बेटी का घर है वो, करामत हो तो ऐसी हो उठाया अपने काँधों पर है सरदारे-दो-‘आलम को ख़ुदा … Read more