Aaya Nabi Ka Jashn e Wiladat Pandrah So Sala Jashn e Wiladat

आया नबी का जश्ने-विलादत, पंद्रह-सो-साला जश्ने-विलादत बारहवीं का दिन बाइसे-रहमत, पंद्रह-सो-साला जश्ने-विलादत एक ख़ुदा का नाम ज़बाँ पर, आते ही सजदा उस को किया है होठों पे जारी नग़्मा-ए-वहदत, पंद्रह-सो-साला जश्ने-विलादत धूम मची चारों तरफ़ मरहबा मरहबा शादी रची चारों तरफ़ मरहबा मरहबा गलियाँ खिली चारों तरफ़ मरहबा मरहबा महकी फ़ज़ाँ चारों तरफ़ मरहबा मरहबा … Read more