Dil Se Diwana Hun Dastagir Ka|Ghaus-Ul-Wara Peeran e Peer Ka
दिल से दीवाना हूँ दस्तगीर का अपने करम से भर दिया कासा फ़क़ीर का दुनिया में मुझ को दे दिया रुतबा अमीर का मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है रब्बे-क़दीर का हाथों में दामन है पीराने-पीर का मुश्किल पड़े तो याद करो दस्तगीर को बग़दाद वाले हज़रते-पीराने-पीर को यही वो ग़ौष हैं मर्दों को जिलाने वाले … Read more