Shaian Lillah Ya Abdal Qadir | Idhar Bhi Nigah e Karam
शैअन-लिल्लाह, या अब्दल क़ादिर शैअन-लिल्लाह, या अब्दल-क़ादिर या साकिन बग़दाद, या शैख़ल-जीलानी इधर भी निगाहे-करम ग़ौषे-आज़म करो दूर रंजो-अलम, अलम ग़ौषे-आज़म मेरा हर महज़ दूर हो जाए, प्यारे करो ऐसा आ कर के दम, ग़ौषे-आज़म बहुत चुभ रहा है, ख़ुदारा निकालो मेरे दिल से तीरे-अलम, ग़ौषे-आज़म कहीं गिर न जाऊँ, ख़ुदारा सँभालो मेरे डगमगाए क़दम, … Read more