Kya Shan Pai Allahu Akbar Siddiq e Akbar Siddiq e Akbar Lyrics

क्या शान पाई, अल्लाहु अकबर!, सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! अफ़ज़ल-उल-बशर बा’दल-अंबिया अफ़ज़ल-उल-बशर बा’दल-अंबिया परवाने को चराग़ तो बुलबुल को फूल बस सिद्दीक़ के लिए है ख़ुदा का रसूल बस। क्या शान पाई, अल्लाहु अकबर!, सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! सरकार के हो तुम ख़ास दिलबर, सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! तुम्ही तो ठहरे पहले ख़लीफ़ा, हर इक सहाबी है क़ाइल तुम्हारा फ़ारूक़ हो … Read more