Wo Kamaal e Husn e Huzoor Hai Lyrics
वो कमाले-हुस्ने-हुज़ूर है के गुमाने-नक़्स जहाँ नहीं वो कमाले-हुस्ने-हुज़ूर है के गुमाने-नक़्स जहाँ नहीं यही फूल ख़ार से दूर है, यही शमअ है के धुआँ नहीं मैं निसार तेरे कलाम पर, मिली यूँ तो किस को ज़ुबाँ नहीं वो सुख़न है जिस में सुख़न न हो, वो बयाँ है जिस का बयाँ नहीं ब-ख़ुदा ख़ुदा … Read more