Laqab Siddiq Ban Jaye Sadaqat Ho To Aesi Ho Lyrics
लक़ब सिद्दीक़ बन जाए, सदाक़त हो तो ऐसी हो लक़ब सिद्दीक़ बन जाए, सदाक़त हो तो ऐसी हो मज़ारो-ग़ार के […]
लक़ब सिद्दीक़ बन जाए, सदाक़त हो तो ऐसी हो लक़ब सिद्दीक़ बन जाए, सदाक़त हो तो ऐसी हो मज़ारो-ग़ार के […]
खलीफ़ा-ए-अव्वल, मुहम्मद का नाइब या अमीरल-मुअमिनीन! या अमीरल-मुअमिनीन! या अमीरल-मुअमिनीन! या अमीरल-मुअमिनीन! हर दिल में बसा है सिद्दीक़ हर जाँ
दमा-दम मस्त-क़लंदर सिद्दीक़ दा पहला नंबर दुनिया-ए-सदाक़त में तेरा नाम रहेगा सिद्दीक़ तेरे नाम से इस्लाम रहेगा सिद्दीक़ के बाग़ी
सालारे-सहाबा, वो पेहला ख़लीफ़ा अना मजनून, मजनून, मजनूनु-स्सिद्दीक़ अना मजनून, मजनून, मजनूनु-स्सिद्दीक़ परवाने को चरारा तो बुलबुल को फूल बस
सिद्दिक़ उसे केहता है ये सारा ज़माना सरकारे दो आलम का है जो पेहला ख़लीफा सिद्दिक़ उसे केहता है ये
आक़ा ने मुसल्ले पे खड़ा कर के बताया, सिद्दीक़ है पहला अफ़्ज़लुल-बशर, बाद अज़-अंबिया अमीरुल-मुअमिनीन, अबा-बकरनी-सिद्दीक़ आक़ा ने मुसल्ले पे
सिद्दीक़ मौला मेरे ! सिद्दीक़ मौला! सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! या अमीरल-मुअमिनीन! या अमीरल-मुअमिनीन! पहले सहाबी मेरे सिद्दीक़ है पहले
क्या शान पाई, अल्लाहु अकबर!, सिद्दीक़े-अकबर! सिद्दीक़े-अकबर! अफ़ज़ल-उल-बशर बा’दल-अंबिया अफ़ज़ल-उल-बशर बा’दल-अंबिया परवाने को चराग़ तो बुलबुल को फूल बस सिद्दीक़
बयाँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़े-अकबर का बयाँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़े-अकबर का है यारे-ग़ार महबूबे-ख़ुदा सिद्दीक़े-अकबर